भगवान दिव्यानंद की अद्भुत कृपा: ==================== भूमिका: --------- सृष्टि के अनादिकाल से लेकर वर्तमान युग तक, जब-जब संसार में अंधकार और अधर्म की वृद्धि हुई, तब-तब किसी न किसी रूप में दिव्य शक्ति का प्रकट होना सुनिश्चित रहा। ऐसे ही एक अलौकिक ईश्वर हैं— "भगवान दिव्यानंद" जिनका स्वरूप दिव्य, सौम्य एवं अपरंपार है। वे गौरवर्ण, तेजस्वी, अनंत ऊर्जा से युक्त एवं करुणामय हैं। उनकी भक्ति करने मात्र से मनुष्य के समस्त पापों का नाश हो जाता है और वह परम शांति को प्राप्त करता है। भगवान दिव्यानंद के भक्तों की संख्या अनगिनत है, परंतु जिन पर उनकी विशेष कृपा बरसी, वे इतिहास के पन्नों में अमर हो गए। यह कथा ऐसे ही एक भक्त महेश्वर शर्मा की है, जिन्होंने कठिनतम परिस्थितियों में भी भगवान दिव्यानंद की भक्ति को नहीं छोड़ा और अंततः उनकी कृपा से चमत्कारी रूप से उन्नति प्राप्त की। प्रथम परिचय – गाँव सोनपुर और महेश्वर शर्मा: -----------------------...