"अश्विनी कुमार" भारतीय पुराणों के अद्भुत पात्र हैं , वे न केवल दिव्य वैद्य (चिकित्सक) कहे जाते हैं, बल्कि आयुर्वेद और चिकित्सा विज्ञान के आदि आचार्य भी माने जाते हैं,आयें आज हम उन महान विभूति के बारे में कुछ महत्त्वपूर्ण जानकारी हासिल करते हैं। प्रस्तावना भारतीय संस्कृति में जब भी चिकित्सा विज्ञान, आरोग्य और जीवनरक्षा की बात आती है, तो सबसे पहले जिन दिव्य व्यक्तित्वों का स्मरण होता है, वे हैं – अश्विनी कुमार। वे न केवल आयुर्वेद के आद्य आचार्य कहे जाते हैं, बल्कि देवताओं के वैद्य भी रहे। अश्विनी कुमार एक नहीं, बल्कि जुड़वा भाई थे -नासत्य और दस्र। इनके कार्य, गुण, और तपस्विता ने इन्हें ऋग्वेद से लेकर महाभारत तक अमर कर दिया। उनकी कथाएँ, चिकित्सा संबंधी चमत्कार और लोककल्याण के अद्भुत प्रयास आज भी प्रेरणा देते हैं। आइए, इस अद्भुत युगल की विस्तृत कथा में प्रवेश करें। 1. अश्विनी कुमारों का परिचय अश्विनी कुमार, देवताओं के वैद्य, दिव्य गुणों से युक्त, अत्यंत सुंदर, तेजस्वी और कृपालु थे। संस्कृत में 'अश्व' का अर्थ 'घोड़ा' होता है, और 'अश्विनी' का अर्थ 'घोड...