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Showing posts from April 20, 2025

भगवान हनुमानजी का जन्म और प्रभु श्रीराम के प्रति भक्ति

आज हम प्रभु श्री राम के महान भक्त परमपूज्य श्री हनुमानजी कि जन्म कथा एवं उनका प्रभु श्री राम के प्रति अनन्य भक्ति का यथासंभव अपनी योग्यतानुसार वर्णन करने कि कोशिश कर रहा हूँ जिसे हमने चार अध्यायों में विभाजित किया है ,जो इसप्रकार है :-  अध्याय 1: दिव्य उत्पत्ति — अंजना और केसरी का तप तथा वायुदेव का वरदान 1.1 अंजना का शाप और उसकी मुक्ति की प्रतिज्ञा प्राचीन काल में स्वर्गलोक की एक परम सुंदरी अप्सरा, पुंजिकस्थला, अपने सौंदर्य और चंचलता के कारण विख्यात थी। एक दिन उन्होंने ध्यानमग्न एक ऋषि का उपहास कर दिया। ऋषि ने उन्हें शाप दिया कि उन्हें वानरी योनि में जन्म लेना होगा। पुंजिकस्थला ने क्षमा याचना की, तब ऋषि ने कहा -"जब तुम तप कर एक ऐसे पुत्र को जन्म दोगी जो जगत का उद्धार करेगा, तभी इस शाप से मुक्ति मिलेगी।" यह शाप केवल दंड नहीं था; यह एक दिव्य लीला की भूमिका थी। ब्रह्मांड की चेतना जानती थी कि आनेवाले समय में धर्म के पुनर्स्थापन हेतु एक ऐसे वीर की आवश्यकता होगी जो अतुलनीय शक्ति, भक्ति और बुद्धि से युक्त हो। 1.2 वानरराज केसरी और अंजना का तप वानरराज केसरी, जो पर्वतराज सुमेरु के समीप...

अश्विनी कुमार : दिव्य चिकित्सक और अमर वैद्य की गाथा

"अश्विनी कुमार" भारतीय पुराणों के अद्भुत पात्र हैं , वे न केवल दिव्य वैद्य (चिकित्सक) कहे जाते हैं, बल्कि आयुर्वेद और चिकित्सा विज्ञान के आदि आचार्य भी माने जाते हैं,आयें आज हम उन महान विभूति के बारे में कुछ महत्त्वपूर्ण जानकारी हासिल करते हैं।   प्रस्तावना भारतीय संस्कृति में जब भी चिकित्सा विज्ञान, आरोग्य और जीवनरक्षा की बात आती है, तो सबसे पहले जिन दिव्य व्यक्तित्वों का स्मरण होता है, वे हैं – अश्विनी कुमार। वे न केवल आयुर्वेद के आद्य आचार्य कहे जाते हैं, बल्कि देवताओं के वैद्य भी रहे। अश्विनी कुमार एक नहीं, बल्कि जुड़वा भाई थे -नासत्य और दस्र। इनके कार्य, गुण, और तपस्विता ने इन्हें ऋग्वेद से लेकर महाभारत तक अमर कर दिया। उनकी कथाएँ, चिकित्सा संबंधी चमत्कार और लोककल्याण के अद्भुत प्रयास आज भी प्रेरणा देते हैं। आइए, इस अद्भुत युगल की विस्तृत कथा में प्रवेश करें। 1. अश्विनी कुमारों का परिचय अश्विनी कुमार, देवताओं के वैद्य, दिव्य गुणों से युक्त, अत्यंत सुंदर, तेजस्वी और कृपालु थे। संस्कृत में 'अश्व' का अर्थ 'घोड़ा' होता है, और 'अश्विनी' का अर्थ 'घोड...